जहां साल दर साल बढ़ती किसान आत्महत्याओं पर सरकार नजर भी डालने को तैयार नहीं थी वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी के सबसे अजीज अडानी खुले आम झारखंड में किसानों को धमका रहे हैं कि यदि किसान उनके पावर प्लांट के लिए जमीन नहीं देंगे तो वह किसानों को उसी जमीन में गाड़ देंगे। यही है प्रधानमंत्री मोदी के विकास का मॉडल जहां पर इस देश के मजदूर किसानों की लाशों पर खड़े होंगे कॉर्परेटी महल और राज करेगा पूंजी का तंत्र। झारखंड के गोड्डा जिले की 1700 एकड़ जमीन पर जबरन कब्ज़ा कर लिया गया है। ऑस्ट्रेलिया का कोयला, भारत के किसानों की जमीन और पैदा होने वाली बिजली बेची जाएगी बांग्लादेश को- यह है इस महत्वकांक्षी परियोजना का सच।
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भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन


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